14 विपक्षी दल संसद में संविधान दिवस समारोह का बहिष्कार करेंगे

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संविधान दिवस के अवसर पर, 14 विपक्षी दलों ने समारोह का बहिष्कार करने का फैसला किया है, जब कांग्रेस ने समान विचारधारा वाले दलों पर आरोप लगाया कि सरकार संविधान का पालन नहीं कर रही है। राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री शुक्रवार को सेंट्रल हॉल में समारोह को संबोधित करने वाले हैं।

कांग्रेस प्रवक्ता जयवीर शेरगिल ने कहा, “आजादी के बाद दुनिया भर में कई लोगों ने भविष्यवाणी की थी कि भारतीय लोकतंत्र जीवित नहीं रहेगा और फिर भी हम संविधान के कारण हैं जो हमें “हम भारत के लोग” बांधते हैं, किसी को भी कभी भी कमजोर करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए, हमारे संविधान को कमजोर या विफल।”

न केवल कांग्रेस बल्कि राकांपा ने भी समारोह का बहिष्कार करने का फैसला किया। राकांपा के मजीद मेमन ने कहा, “भाजपा नेता भारत के संविधान के प्रति पूरी गंभीरता और सम्मान के साथ सेंट्रल हॉल में संविधान दिवस मनाना चाहते हैं। ऐसा करना एक मजाक है जब वे जमीन पर इसका पालन नहीं करते हैं।”

इसको लेकर कांग्रेस ने विपक्षी दलों से संपर्क किया था। तृणमूल, वामपंथी, समाजवादी पार्टी, राजद, शिवसेना, आईयूएमएल, द्रमुक, राकांपा और अन्य सहित पार्टियों ने सूट का पालन किया। विपक्ष ने आरोप लगाया कि केंद्र संविधान का पालन नहीं कर रहा है, लेकिन मुद्दों पर आम सहमति नहीं बना कर संसद को दरकिनार कर मजाक बना रहा है।

राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद शुक्रवार को संसद भवन के सेंट्रल हॉल में संविधान दिवस पर मुख्य अतिथि होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सभा को संबोधित करेंगे और उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला भी संबोधित करेंगे।

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